सतपुड़ा टाईगर रिजर्व में हाथियों की मौज, महावत कर रहे हाथियों की मालिश

सतपुड़ा टाईगर रिजर्व में शुरू हुआ सात दिवसीय हाथी महोत्सव, रोजाना होगी हाथियों की आवभगत

सतपुड़ा टाईगर रिजर्व
सतपुड़ा टाईगर रिजर्व


मध्य प्रदेश के नामी टूरिस्ट डेस्टिनेशन एवं बाघ संरक्षण के केंद्र सतपुड़ा टाइगर रिज़र्व में सात दिवसीय हाथी महोत्सव गत दिनों शुरू हुआ है। महोत्सव अंतर्गत 7 दिनों में हाथियों की जमकर आवभगत होगी, उनके पसंदीदा भोजन उन्हें कराए जाएंगे एवं हाथियों के शरीर की पूरी क्लीनिंग भी होगी। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार को रिजर्व के बागड़ा बफर जोन में फील्ड डायरेक्टर एल कृष्णमूर्ति की उपस्थिति में हाथियों का पूजन किया गया एवं विधिवत पांडाल बनाकर अतिथियों के रूप में हाथियों का स्वागत करते हुए हाथी महोत्सव की शुरुआत की गई है।

बता दे एक ही प्रति वर्ष सितंबर माह में हाथी महोत्सव मनाया जाता है तथा 7 दिनों का यह महोत्सव हाथियों की मेहमानी का होता है। इन 7 दिनों में रोजाना हाथियों का स्वास्थ्य परीक्षण विशेष रूप से किया जाता है। जिसमें उनके पैरों की सफाई, पैर के तलवों में फंसे कंकड़ हटाने का कार्य, नाखूनों की सफाई, दांत सफाई व अन्य उपचार विशेष रूप से किए जाते हैं। 

शनिवार को फील्ड डायरेक्टर एल कृष्णमूर्ति, चिकित्सक डॉक्टर गुरुदत्त शर्मा, बागड़ा बफर जोन रेंज ऑफिसर जीएस निगवाल व स्टाफ के द्वारा हाथियों का पूजन किया गया। इसके बाद डॉक्टर ने हाथियों का विशेष चेकअप भी किया। बता दें कि हाथी महोत्सव को हाथी पुनर्यौवनीकरण प्रक्रिया भी कहा जाता है। रेंज आफिसर निगवाल के अनुसार हाथियों को उनका पसंदीदा भोजन जैसे गन्ना, मक्का, केले, पपीते, सेब, नारियल, गुड़ आदि दिए जा रहे हैं।

वर्तमान में सतपुड़ा टाइगर रिज़र्व में 6 विभागीय हाथी हैं। जिनमें सिद्धनाथ, लक्ष्मी, स्मिता, अन्जुमन तथा प्रिया हाथी गश्ती कार्य, बाघ अनुश्रवण कार्य, बाघ रेस्क्यू आदि कार्यों में माहिर हैं। एवं 4 साल का नर हाथी विक्रम है जो कि बेहद शरारती है तथा पर्यटकों के मध्य बेहद लोकप्रिय है। वर्ष भर हाथी महावतों के साथ अलग अलग क्षेत्रों में गश्ती करते रहते हैं तथा अन्य साथियों से मिल नहीं पाते हैं। 

अतः इस शिविर व महोत्सव के आयोजन से हाथियों तथा महावतों सभी को एक दुसरे से मिलने का, साथ समय बिताने का, साथ खाने का, खेल कूद आदि का मौका मिलता है। जो कि मनोवैज्ञानिक रूप से सभी के लिए बहुत लाभदायक सिद्ध होता है। शिविर में हाथियों का पूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण होगा, जिसका डाटा स्कूल फॉर वाइल्ड लाइफ फॉरेंसिक एंड हेल्थ जबलपुर के विशेषज्ञों को भेजा जाऐगा।

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